हमारे घर आंगन मे...हमारे रोजमर्रा के जीवन में पर्यावरण को बचाने मे सबसे बड़ा योगदान इन चिड़ियों का है ..इनके बिना हमारा जीवन परिवेश अधूरा है ..... पेश है मेरी नई कविता "मैंना "
पर्यावरण बचाती मैना [बाल कविता]: रचना सागर रोज सवेरे आती मैना,
मेरे मन को भाती मैना,
बचा खुचा...
Showing posts with label बधाई. Show all posts
Showing posts with label बधाई. Show all posts
उत्तरी भारत के हिंदु साल की शुरूआत का पहला त्योहार है.... इस पर्व को बड़े बूढ़ो के आशीर्वाद के साथ शुरूआत करते है..... इसे उत्तरी भारत मे मकर संक्रांती व बिहार उत्तर प्रदेश आदि मे खिचड़ी के नाम से जानते है ..... पेश है मेरी नई कविता "खिचड़ी "
खिचड़ी [बाल कविता]: रचना सागर
मकर संक्रांति से
नववर्ष...
साल की शुरूआत का पहला त्योहार है.... इसको बड़े बूढ़ो के आशीर्वाद के साथ..... नए फसल होने की खुशी मे मनाया जाता है...... पेश है मेरी नई कविता लोहड़ी आई बधाइयां छाई
लोहड़ी आई बधाइयां छाई [बाल कविता]: रचना सागर लोहड़ी आई बधाइयां छाई चारों ओर से गुड़ और तिल की खुशबू आई
साथ मूंगफली और गजक के महफिल में रौनक आई...
Tags
child poem,
loharee,
lohari,
rachna sagar,
sahitya,
बधाई,
बाल कविता,
रचना सागर,
लोहड़ी