Showing posts with label मुक्त छंद. Show all posts
Showing posts with label मुक्त छंद. Show all posts

जान पाई खुद को [कविता]: रचना सागर



रचनाकार परिचय:-

रचना सागर को आरंभ से ही साहित्य मे रूचि थी। आप अंतर्जाल पर विशेष रूप से बाल साहित्य सृजन में सक्रिय हैं।

जान पाई खुद को [कविता]: रचना सागर 

जुड़ी मैं तुझसे तो जान पाई खुद को
बेल बूटे से वृक्ष बनने का साहस दिया खुद को
जुड़ी मैं तुझसे तो चुप्पी के भी मुस्कान आई
जिंदगी की रुकावटों में भी पहचान पाई
जुड़ी मैं तुझसे तो जान पाई खुद को मैं